मामला काला सिंधिया रोड पर आग लगने का ,तीसरे दिन भी सुलग रही है आग की चिंगारी बारूद के ढेरों पर कबाड़ का काम करने वालों ने बसा रखी थी ज़िंदगियाँ
( वी बी न्यूज़ 24 जालंधर )जालंधर विनोद बिटंा काला सिंघिया रोड पर झुग्गियों में आग लग गई जिस कारण कई परिवारों का सामान जलकर राख हो गया मेहनत से कमाई की गई हर चीज़ इस आग की भेंट चढ़ गई अपने फ़ायदे के चक्कर में बारूद के ढेरों पर जिंदगियां बसरा रखी थी जिसमें बच्चे महिलाएँ और बुजुर्ग भी शामिल है गलियों में कूड़ा इकट्ठा करके ये लोग अपना और अपने बच्चों का पेट पालते हैं लेकिन इन लोगों को ये नहीं पता कि उनकी और उनके बच्चों की ज़िंदगी बारूद के ढेरों पर टिकी हुई है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कबाड़ का काम करने वाले और अन्य लोगों ने यहाँ पर पूरी बस्तियां बसा रखी है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक प्लॉट के अंदर 50 से लेकर 60 तक लोगों के रहने के लिए घर बना रखे इन घरों में सुरक्षा व्यवस्था नाम की कोई भी चीज़ नहीं है इन घरों के आस पास बड़े बड़े प्लास्टिक के समान के ढेर लगे हुए हैं हल्की सी आग की चिंगारी इन पूरे मकानों को राख में बदलने की ताक़त रखती है सूत्रों यह भी बताते हैं कि एक प्लॉट का एक महीने का किराया 70 हज़ार रुपये के क़रीब प्लॉट मालको को जाता है बिजली का बिल अलग से लेकिन इन लोगों की सुरक्षा व्यवस्था का कोई भी इंतज़ाम नहीं आज तीसरा दिन हो गया है आग लगी को लेकिन अभी भी आग की जो चिंगारियां है वहाँ पर सुलगती हुई नज़र आ रही है दो दिन पहले इस रोड पर दमकल विभाग की गाड़ियों का आना जाना लगा रहा लेकिन वहाँ पर अभी भी ख़तरा बरकरार है अगले पार्ट में बताएँगे कौन है इन प्लॉटों का मालिक प्रशासन को भी इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए लोगों के मेहनत की कमाई से कमाये गए रुपये और सारा समान जल कर राख हो गयाइन ग़रीब लोगों का अब कौन सहारा बनेगा यह भी देखना होगा आग दिन में लगी अगर रात को लगी होती तो फिर क्या होता यह भी प्रशासन को सोचना चाहिए देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को लेकर कौन सा रुख़ अपनाता है



