
ऐसी मान्यता है कि भारत वर्ष के अधिकांश गांव उन्हीं ने बसाए थे। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान परशुराम ने तीर चलाकर गुजरात से लेकर केरल तक समुद्र को पीछे धकेलते हुए नई भूमि का निर्माण किया। उन्हें भार्गव नाम से भी जाना जाता है।इस अवसर पर श्रंद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और भगवान परशुराम मंदिर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा सभा के अध्यक्ष सुखदेव शर्मा द्वारा की गई। उपस्थित सभी सदस्यों ने भगवान परशुराम मंदिर के मंदिर में एक-एक पंखा लगाने का संकल्प लिया।ब्राहृाण सभा पंजाब के प्रधान दुर्गेश शर्मा ने परशुराम जन्मोत्सव पर सभी को बधाई व शुभकामना दी। शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से भगवान परशुराम ने बुराइयों का खात्मा किया, उसी प्रकार से हम सभी को उनकी शिक्षा लेकर नेक रास्ते पर चलने के साथ ही लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहिए।इस अवसर पर अशोक शर्मा, डा. बलजीत, राजीव शर्मा, कैप्टन बलबीर शर्मा, भूपिदरपाल पाली, लक्ष्मण दास, शाम लाल, अपूर्व देवगन देश बंधु, नरेश कुमार, गोबिद राम, अक्षय दक्ष के अलावा बड़ी संख्या में ब्राह्मण सभा सदस्यों ने भाग लिया।