जनता को नहीं मिल पा रही है मूल सुविधाएँ बस्ती दानिशमंदा में 35 साल पुरानी दूषित पेयजल समस्या का आज भी नहीं हो पाया समाधान

 जालंधर विनोद बिटंा हर रोज़ गलियों और मोहल्लों में मंच लगाकर नेता लोग बड़े बड़े दावे करते हैं लेकिन ये दावे उस समय दम तोड़ देते हैं जब लोगों को उनकी मूल सुविधाएँ भी नहीं मिल पाती बात करते हैं बस्ती दानिशमंदा कि इस इलाक़े में हर नेता का वोट बैंक इतना है जो बस्ती दानिशमंदा के लोगों तय करते हैं कि उनके इलाक़े का विधायक कौन होगा ऐसा ही होता है और ऐसा ही होगा लेकिन इस इलाक़े के लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं गलियों की सड़कों का बुरा हाल है इस इलाक़े के कोने कोने में कूड़े के ढेर लगे हुए नज़र आते हैं बस्ती दानिश मंदा की मेन रोड की सड़क जोकि लंबे समय से बन रही है लेकिन उसका निर्माण आज तक भी पूरा नहीं हुआ हालाँकि 




श्री गुरू रविदास महाराज की शोभा यात्रा को लेकर इस सड़क निर्माण में कुछ तेज़ी आयी थी लेकिन जैसे ही ये धार्मिक प्रोग्राम निकल गया उसके बाद फिर वो ही धीमी गति वाला कार्य चल रहा है इस सड़क पर रोटी कमाने वाले दुकानदारों को लंबे समय से इस सड़क न बनने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है मेन रोड होने के कारण इस रोड पर आने जाने वालों का ताँता लगा रहता है जिस कारण दुकानों के अंदर धूल मिट्टी जम जाती है दुकानदारों के कामकाज ठप पड़े हुए हैं सबसे बड़ी बात ये है कि इस इलाक़े में बड़े बड़े नेता है जो आए दिन किसी न किसी बात को लेकर कोई न कोई मुद्दा बनाकर रखते हैं लेकिन जो लोगों को मूल सुविधाएँ चाहिए उनकी तरफ़ किसी का भी ध्यान नहीं जाता है इस इलाक़े की सबसे बड़ी बात ये है कि 35 साल पुराणी दूषित पेयजल की समस्या न ही भाजपा और अकाली दल के राज मेंन ही कांग्रेस के राज में और न ही आम आदमी पार्टी की सरकार में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ आज भी इस इलाक़े में रहने वाले लोग दूषित पानी पी रहे हैं हालाँकि कई घरों में पानी को साफ़ करने वाली सुविधाएँ हैं लेकिन जो लोग रोज़ कमाकर रोज़ खाते हैं उनका इस गंदे पानी पीने के कारण क्या हाल है ये ज़मीनी स्तर पर कोई भी नेता नहीं सोच रहा बड़े बड़े दावे करने वाले नेता लोगों को मूल सुविधाएँ देने की बात आती है तो वह जनता के सामने फ़ेल होते हुए नज़र दिखाई देते हैं


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