जालंधर ( विनोद बिंटा , अमन ) नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि को सरदार मनजीत सिंह टीटू पार्षद, वार्ड नं. 50 नेता प्रतिपक्ष ने पत्र देते हुए कहा जालंधर शहर में सीवरेज जाम, बरसात के दौरान जलभराव, सफाई व्यवस्था की विफलता एवं प्रशासनिक लापरवाही संबंधी सख्त शिकायत।दुख और गंभीर चिंता के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है कि जालंधर शहर के लोग आज सीवरेज जाम, गंदगी, टूटी हुई निकासी व्यवस्था तथा बरसात के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं।
कल हुई मात्र आधे घंटे की बारिश ने नगर निगम के दावों की वास्तविकता जनता के सामने उजागर कर दी है।शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों, गलियों और रिहायशी इलाकों में पानी इस कदर भर गया कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर सीवरेज का गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी खतरों का भी सामना करना पड़ा। यह स्थिति केवल एक प्राकृतिक बारिश का परिणाम नहीं है, बल्कि प्रशासन की विफलता, लापरवाही और कमजोर योजना का प्रत्यक्ष प्रमाण है।आपके विभाग द्वारा समय-समय पर सीवरेज सफाई, अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, मानसून से निपटने के लिए विशेष प्रबंध तथा करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक मशीनें खरीदने के बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल आधे घंटे की बारिश ने इन सभी दावों को पूरी तरह खोखला और असफल साबित कर दिया है। जनता यह पूछने को मजबूर है कि यदि व्यवस्थाएं पूरी थीं तो शहर को डूबने जैसी स्थिति का सामना क्यों करना पड़ा इसके अतिरिक्त लोगों में यह भी चर्चा है कि आम आदमी पार्टी के कई हारे हुए उम्मीदवारों को 3-3 सीवरमैन तैनात किए गए हैं। यदि यह सत्य है तो यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामला है। प्रश्न यह उठता है कि जब शहर जलभराव और सीवरेज की समस्या से जूझ रहा था, तब ये कर्मचारी कहाँ थे क्या सरकारी कर्मचारियों का उपयोग जनता की सेवा के बजाय राजनीतिक प्रभाव के तहत किया जा रहा है इस मामले की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।अभी तो मानसून की शुरुआत भी नहीं हुई है और एक छोटी सी बारिश ने शहर की स्थिति खराब कर दी है। यदि आने वाले दिनों में लगातार वर्षा होती है तो जालंधर के हालात कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। लोगों में डर और रोष है कि कहीं ऐसी स्थिति न बन जाए कि उन्हें अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़े।अतः आपसे सख्त मांग की जाती है कि 1. शहर के समस्त सीवरेज सिस्टम की तुरंत सफाई करवाई जाए।
2. सीवरेज सफाई हेतु खरीदी गई मशीनों की वर्तमान स्थिति, उपयोगिता एवं खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
3. तैनात सीवरमैनों की ड्यूटी, उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
4. बरसात के दौरान जलभराव एवं सीवरेज जाम के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
5. मानसून से पहले ठोस एवं प्रभावी योजना सार्वजनिक कर लोगों को विश्वास दिलाया जाए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होगी।
