जालंधर- बाढ़ की स्थिति और मौजूदा मौसम को देखते हुए आम जनता को विशेष सुरक्षा प्रदान करने और बाढ़ की स्थिति से निपटने के उद्देश्य से जिले के भीतर शहरों, कस्बों और गांवों में ठीकरी पहरा रखने की आवश्यकता है। जिला मजिस्ट्रेट विशेष सारंगल ने कहा कि छोटे शहर गश्त अधिनियम, 1918 की धारा 3 (खंड -1) के तहत, जिला जालंधर की सीमा के भीतर नकोदर, शाहकोट, लोहियां, फिल्लौर में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक गश्त, ठीकरी पहरा की ड्यूटी की जानी चाहिए।
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